Johnny Sins:-The Untold Story यह कहानी उस समय कि है, जो कि मंगल ग्रह मे पृथ्वी आने का मिशन योजना  बनाया जा रहा था । उस समय मंगल ग्रह मे पृथ्वी मिशन के लिये जोन्नी नाम को शख्स को चुना गया । मंगल मे स्पशशिप कि टेस्ट भी जोन्नी को ही दिया गया । टेस्ट मे जोन्नी का स्पेश शिप काम करना छोड दिया, उसका स्पेश शिप तेजी पृथ्वी कि ओर बढा ।

Johnny Sins-The Untold Story
Johnny Sins-The Untold Story
साल 2009 ई. जोनी का श्पेश शिप पृथ्वी के हिमालय पर्वत के जामीन पर टकराई । टकराने से जोर का धमाका हुआ, उसे पूरे पृथ्वी भूंकम्प का रुप ले लिया, और कुछ देर के लिये पूरे पृथ्वी को हिला डला । पृथ्वी वासीओं को लगा कि वह एक भूंकाम्प था, लेकिन उन्हे पता नहीं था कि वह भूकम्प नहीं जोन्नी का पृथ्वी मे पहला एंट्री सिन था ।
 
जब भूकाम्प का खबर आमेरिकन वैज्ञानिको को पता चला तो, जाँच के लिये हिमालय पर्वत पहुंचे । जाँच करते करते हिमाचलय के बर्फ के वादिओं तक जा पहूंचे, वहाँ उन्हे जोन्नी का श्पेश शिप भारी तबाही के रुप में मिला, साथ मे उन्हे गंभीर घायल मे जोन्नी मिला । अमेरिकान वैज्ञानिकों ने लोगों से छिपा के जोन्नी को अमेरिका ले गये । उस समय नहीं पता था कि जोन्नी एक एलीयन है, क्योकि दिखने के साथ खून भी ईंसानो जैसा मिलावट मिला ।
 
जब जोन्नी कि आँख खुली तो वह अपने आप को अलग  ही जगह पर पाया, चारों तरफ दिवार ही दिवार था । जल्दी से उठ के वहाँ से निकाल रहा था, तभी लैब के कर्मचारी ने जोन्नी को जाते हुये देख लिया । जोन्नी को पूकारते ही, जोन्नी भागने लगा, जोन्नी भागते हुये, एक  घर मे घूस गया लडकीओं कि संख्या भारी मात्रा में मौजूद था ।
 

जोन्नी कि नजर मिया नाम के महोतर्मा पर पडी, मिया को देखते ही जोन्नी का दिल कि धडकान रुक गया और वहीं गिर पडा, और जोन्नी को होस्पिटल ले लिया गया । जोन्नी कि जब होस्पिटल में आँखे खुली तो डोक्टरों ने कैंसर का रोग बताया, लेकिन जोन्नी को एक ही महीना के अंदर कैंसर से छूटकारा मिल गया । ये सब देख डोक्टरो कि आँखे खुली राह गई, ये सब देख जोनी को डोक्टर बना दिया गया ।

Johnny Sins-The Untold Story
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नाशा वालों को जोन्नी के श्पेश शिप से पता चाल चुका था कि जोन्नी एक एलीयन है, इसीलिये नाशा वालो ने जोनी को नाशा मे शामिल होने का ओफर दिया, क्योंकि उसके पास भविष्यत टेकनोलोगी पाया गया, जन्नी नाशा वालों का ओफर ठोकरा नहीं पाया, ओर नाशा मे शामिल हो गया । लेकिन जोन्नी के दिल मिया के लिये छप चुका था, इसीलिये दोबारा वही घर पहुंचा, और मिया के साथ रहने लगा ।

 

कुछ महिना बिता चुका था, मंगल वासी जोन्नी को ढूंडते हुये, पृथ्वी आ पहुचें, उन्होने देखा कि जोन्नी मिया के प्यार में पागल, कफी दिवाना हो चुका है । जोन्नी मंगल वासीओं को माना कर दिया, दोबारा मंगल जाने के लिये, जोन्नी ने हमेशा यहीं रहने का फैसला किया और हमेशा के लिये पृथ्वी पर ही राह गया ।

 
वस्ताव मे यह कहानी पूरी तरह से कल्पनिक और मजाक है । कहानी बताने का कारण तो यही है कि कुछ अलग बाताना था । कहानी कल्पनिका है, दिल पे न लें, इस कहानी में आपको क्या आच्छा लगा जरूर बताईये ।

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